ज़फ़र गोरखपुरी । Zafar Gorakhpuri

Standard
Zafar Gorakhpuri

Zafar Gorakhpuri

मेरे बाद किधर जाएगी तन्हाई
मैं जो मरा तो मर जाएगी तन्हाई

मैं जब रो रो के दरिया बन जाऊँगा
उस दिन पार उतर जाएगी तन्हाई

तन्हाई को घर से रुख़्सत कर तो दो
सोचो किसके घर जाएगी तन्हाई

वीराना हूँ आबादी से आया हूँ
देखेगी तो डर जाएगी तन्हाई

यूँ आओ की पाँव की भी आवाज़ ना हो
शोर हुआ तो मर जाएगी तन्हाई