मेराज़ फ़ैज़ाबादी | Meraz Faizabadi

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आँख और ख़्वाब में एक रात की दूरी रखना
ऐ मुस्सव्विर मेरी तस्वीर अधूरी रखना
अब के तकमील जो करना कोई रिश्तों का निज़ाम
दुश्मनी के भी कुछ आदाब ज़रूरी रखना

Meraz Faizabadi

Meraz Faizabadi